PM के मन की बात- 'दो गज दूरी, बहुत जरूरी'
नई दिल्ली पीएम मोदी ने आज (PM Narendra ) में कोरोना वायरस से जंग के लिए देशवासियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कई बातें कहीं और जिस तरह कोरोना काल में लोग एक दूसरे की मदद कर रहे हैं, उसे कोरोना (Coronavirus in ) के खिलाफ लोगों की जंग कहा। उन्होंन मन की बात में लोगों को एक मंत्र भी दिया- 'दो गज दूरी, बहुत है जरूरी।' आइए जानते हैं पीएम मोदी ने मन की बात में क्या-क्या बातें कहीं। 1- जनता लड़ रही कोरोना के खिलाफ जंग पीएम मोदी ने मन की बात शुरू करते ही कहा कि इस मन की बात के लिए लोगों के बहुत सारे सुझाव और फोन आए, जो पहले की तुलना में कई गुना अधिक हैं। इनसे कई ऐसी बातें पता चलीं, जिन पर ध्यान नहीं जा पाता। उन्होंने कहा कि जनता कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रही है। सरकार भी जनता की मदद से ही कोरोना के खिलाफ लड़ पा रही है। पूरा देश हर नागरिक इस लड़ाई का सिपाही है। जहां भी नजर डालें लोग कोरोना से लड़ते दिख जाते हैं। जब भविष्य में इसकी चर्चा होगी तो भारत के लोगों का जिक्र जरूर होगा। 2- मदद के लिए आगे आए लोग मन की बात में पीएम मोदी ने लोगों के उस जज्बे की तारीफ की, जिसके तहत लोग मदद के लिए आगे आए। उन्होंने कहा कि गरीबों की मदद हो, उनके खाने की व्यवस्था हो, अस्पताल की व्यवस्था हो, मेडिकल उपकरणों का देश में ही निर्माण हो हर चीज के लिए लोग बढ़-चढ़कर आगे आए और दूसरों की मदद की। 3- ताली-थाली और दिया-मोमबत्ती का जिक्र पीएम मोदी ने मन की बात में ताली-थाली बजाने और दिया-मोमबत्ती जलाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन सब से लोगों में जिन भावनाओं का जन्म हुआ है, उनसे लोग प्रेरित हुए हैं। यूं लग रहा है मानो देश में कोई महायज्ञ चल रहा हो। यह भी पढ़ें- 4- किसान काम कर रहे, ताकि कोई भूखा ना रहे उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के बीच किसान खुद ही अपने खेतों में काम कर रहे हैं, ताकि कोई भूखा ना सोए। कोई किराया माफ कर रहा है, तो कोई अपनी पेशंन या पुरस्कार में मिले पैसे दान कर रहा है। कोई सब्जी दान दे रहा है तो कोई सैकड़ों गरीबों को खाना खिला रहा है। दूसरों के लिए दिल में ये जो भाव है, वही कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत के लोगों को ताकत दे रहा है। 5- 130 करोड़ भारतीयों को नमन पीएम मोदी ने कहा जो लोग दूसरों की मदद कर रहे हैं, वह इस लड़ाी को मजबूत बना रहे हैं। उन्होंने लोगों की तरफ से गैस सब्सिडी छोड़ना, ट्रेन सब्सिडी छोड़ना, टॉयलेट बनाना आदि का भी जिक्र किया। वह बोले इन सब से एक साथ कुछ करने की प्रेरणा मिली है। पीएम ने 130 करोड़ देशवासियों की इस भावना को नमन किया। 6- कोरोनावॉरियर्स प्लेटफॉर्म के बारे में बताया पीएम मोदी ने ये भी बताया कि सरकार की तरफ से covidwarriors.gov.in प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है, जिससे करीब सवा करोड़ लोग जुड़ चुके हैं। इसमें डॉक्टर, नर्स, आशा और अलग-अलग फील्ड के तमाम प्रोफेशनल भी शामिल हैं। पीएम ने बताया कि वह सभी स्थानीय स्तर पर अच्छे काम कर रहे हैं और बाकी लोग भी इससे जुड़ सकते हैं। 7- मुश्किल हालात से मिलता है सबक पीएम ने कहा कि हर मुश्किल हालात, हर लड़ाई कुछ ना कुछ सबक देती है। कुछ सिखाती है और कुछ नई मंजिलों की दिशा भी देती है। इससे एक नए बदलाव की शुरुआत होती है। मेडिक सेक्टर में भी हम नए तकनीकी बदलावों की तरफ बढ़ रहे हैं। इनोवेटर कुछ ना कुछ नया बना रहे हैं। देश एक टीम बनकर क्या कर सकता है, इस बात का अनुभव हो रहा है। यह भी पढ़ें- 8- एविएशन और रेलवे के काम की तारीफ यूं तो इन दिनों हवाई यात्रा और रेल यात्रा पूरी तरह से बंद है, लेकिन मेडिकल उपकरणों, दवाइयों और अन्य जरूरी चीजों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए रेलवे और हवाई जहाज का इस्तेमाल हो रहा है। सरकार ने एक लाइफलाइन उड़ान सेवा शुरू की है, जिसके तहत 3 लाख किलोमीटर की हवाई यात्रा हो चुकी है और 500 टन से भी अधिक मेडिकल सामग्री एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाई जा चुकी है। रेलवे भी 60 से भी अधिक मार्गों पर 100 से भी अधिक पार्सल ट्रेनें चला रहा है। डाक विभाग ने भी दवा की आपूर्ति सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई है। 9- गरीबों को मदद मुहैया कराई पीएम मोदी ने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत गरीबों के खातों में पैसे सीधे ट्रांसफर किए जा रहे हैं। 3 महीनों का मुफ्त सिलेंडर भी उपलब्ध करा दिया गया है। बुजुर्गों को पेंशन भी ट्रांसफर कर दी गई है। 10- राज्य सरकारों की तारीफ पीएम मोदी ने राज्य सरकारों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि जिस तरह राज्य सरकारें कोरोना वायरस से निपटने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, उसकी मैं प्रशंसा करता हूं। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में उनकी बड़ी भूमिका है। 11- स्वास्थ्य सेवा वालों ने सरकारी अध्यादेश पर जताई खुशी पीएम मोदी ने मन की बात में बताया कि हाल ही में सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में लगे लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक अध्यादेश जारी किया था, जिस पर सभी ने संतुष्टि जताई है। इसके तहत मेडिकल सेवाओं में लगे लोगों पर हमला करना या उन्हें कोई नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान है। ऐसे में उनकी रक्षा के लिए ये कदम जरूरी था। 12- लोगों की अहमियत समझ रही जनता पीएम मोदी ने बताया कि इस महामारी के खिलाफ लड़ाई के दौरान आस-पास हो रही घटनाओं को एक फ्रेश नजरिए से देखने का मौका मिला है। घरों में काम करने वाले, जरूरतें पूरी करने वाले और आसपास की दुकानों में काम करने वालों की अहमियत समझ आ रही है। जरूरी सेवाओं की डिलीवरी, रिक्शा, ऑटो आदि के बिना जीवन कितना मुश्किल है, ये समझ आ रहा है। सोशल मीडिया पर भी लोग इन साथियों को याद कर रहे हैं और उनके सम्मान में बातें लिख रहे हैं। हर कोने से ऐसी तस्वीरें आ रही हैं कि सफाई वालों पर फूल डाले जा रहे हैं, जिन्हें पहले शायद हम नोटिस नहीं करते थे। 13- पुलिस को लेकर बदली लोगों की सोच मन की बात में पीएम मोदी ने पुलिस के काम की भी सराहना की और कहा कि पुलिस को लेकर भी लोगों की सोच बदली है। पहले जो सोच नकारात्मक दिखती थी, आज वह सकारात्मक हो चुकी है। पुलिस के लोग लोगों को खाना बांट रहे हैं, दवाएं पहुंचा रहे हैं। कोरोना से जंग के इस दौर में पुलिसिंग का एक मानवीय ओर संवेदनशील पक्ष सामने आया है। इससे एक सकारात्मक बदलाव आएगा, जिसे नकारात्मक नहीं होने देना है। 14- प्रकृति, विकृति और संस्कृति अगर प्रकृति, विकृति और संस्कृति को देखें, इनके भाव को समझें तो जीवन को समझने का मौका मिलता है। जब हम कहते हैं कि ये मेरा है, मैं इसका उपयोग करता हूं, तो ये प्रकृति हैं, लेकिन जो मेरा नहीं है, जिस पर मेरा हक नहीं है, उसे मैं दूरे से छीन लेता हूं और उपयोग करता हूं तो ये विकृति है। वहीं जब दूसरी की सेवा का भाव आता है तो यह संस्कृति है। जो लोग अपने हिस्से का भी दूसरों को देकर मदद करते हैं, वह संस्कृति है। कसौती के वक्त ही इनका परीक्षण होता है। 15- दवा देने में भी संस्कार पीएम मोदी ने बताया कि भारत ने अपने संस्कार और सोच के अनुरूप कुछ फैसले लिए। उन्होंने बताया कि इस संकट की घड़ी में दुनिया में दवा का संकट बहुत अधिक रहा है। हमने अपने नागरिकों के जीवन को प्राथमिकता तो दी है, साथ ही भारत ने संस्कृति के अनुरूप फैसला लिया। दुनिया की मदद की और उन तक भी दवा पहुंचाई। अब अगर किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष से बात होती है तो वह भारत के लोगों का आभार व्यक्त करते हैं। जब वह थैंक्यू इंडिया कहते हैं तो भारत के लोगों के प्रति गर्व और बढ़ जाता है। 16- आयुर्वेद और योग की बात भी की पीएम मोदी ने मन की बात में आयुर्वेद और योग की भी बात कही। वह बोले कि सोशल मीडिया पर भी लोग योग और आयुर्वेद की बात कर कर रहे हैं। इम्युनिटी बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा हो रही है। वह बोले कि आयुष मंत्रालय ने गर्म पानी और काढ़े को लेकर जो बातें कही हैं, उन्हें ध्यान रखें। जब हम दूसरे देशों को कुछ करते देखते हैं तो मान लेते हैं, जबकि अपने देश की चीजों को नहीं मानते। अब ये सब बदलेगा। 17- मास्क बहुत जरूरी है पीएम ने कहा कि अब हर ओर लोग मास्क में दिखते हैं, जो जरूरी भी है। खुद उन्होंने कहा कि गमछा इस्तेमाल करना सबसे अच्छा है। 18- थूकने की आदत छोड़ने को कहा मन की बात में पीएम मोदी ने कहा कि थूकने की आदत खराब है, ये सब जानते थे, लेकिन ये बदल नहीं रहा था। अब इसे खत्म करने का समय आ चुका है। ये बुरी आदत है, जिसे छोड़ देना चाहिए। 19- अक्षय तृतीया का किया जिक्र पीएम मोदी ने कहा कि ये सुखद संयोग है कि अक्षय तृतीया भी इसी दौरान है। अक्षय यानी कभी ना खत्म होने वाला। चाहे कितनी भी बीमारियां आएं, उनसे लड़ने और जूझने की भावना अक्षय रखनी है। 20- सजग रहने की सलाह पीएम मोदी ने मन की बात खत्म करने से पहले कहा कि ऐसा विचार बिल्कुल ना पालें कि आपके शहर या गांव में कोरोना नहीं पहुंचा है तो कभी पहुंच भी नहीं सकता। दुनिया का अनुभव बहुत कुछ कह रहा है। सावधानी हटी, दुर्घटना घटी। वह बोले कि पूर्जवों ने कहा है कि हल्के में लेकर छोड़ दी गई आग, कर्ज और बीमारी मौका पाते ही खतरनाक बन जाती है, इसलिए पूरा उपचार जरूरी है, अति उत्साह में कोई लापरवाही ना करें।
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