लॉकडाउन ने किया काम, नहीं तो 2 लाख केस
नई दिल्ली के फैलाव को रोकने के लिए देशभर में लागू हुए लॉकडाउन को एक महीने () हो चुके हैं। इन एक महीनों में कोरोना वायरस के फैलने की रफ्तार (Daily growth rate of covid-19) करीब 3 गुना कम हुई है। अगर भारत सरकार ने केसों के काफी बढ़ने का इंतजार किए बिना लॉकडाउन का साहसिक फैसला न लिया होता तो आज स्थिति बहुत खराब होती और फिलहाल देश में अभी से करीब 9 गुना ज्यादा केस यानी 2 लाख के पार हो चुके होते। 24 मार्च को देश में कोरोना वायरस संक्रमण के करीब 500 केस थे। उस समय कोरोना वायरस का डेली ग्रोथ रेट 21.6 प्रतिशत था। 25 अप्रैल को सुबह 8 बजे तक देश में कुल 24,506 केस हैं। डेली ग्रोथ रेट भी घटकर 8.1 प्रतिशत रह गई है यानी करीब एक तिहाई हो गई है। अगर भारत ने लॉकडाउन नहीं किया होता और वायरस की ग्रोथ रेट 24 मार्च की तरह ही होती तो 23 अप्रैल तक ही देश में 2,12,427 केस हो चुके होते। यह अभी से करीब 9 गुना होता। पढ़ें: अभी कोरोना वायरस के रोजाना बढ़ने की जो दर है (8.1%) अगर आगे इसी हिसाब से मामले बढ़े तो अगले एक हफ्ते में देश में कुल 40 हजार केस हो जाएंगे। अगले 15 दिनों में यह संख्या बढ़कर 70,000 तक पहुंच जाएगी। अगर मौजूदा रफ्तार से ही वायरस बढ़े तो मई के आखिर तक देश में संक्रमण के कुल मामले 2.5 लाख तक पहुंच जाएंगे।
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