कोरोना टेस्ट जरूरी? अस्पतालों को बड़ी नसीहत
सुष्मि डे, नई दिल्ली देश में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच गंभीर मरीजों के लिए समस्याएं बढ़ गई हैं। देश के कई निजी अस्पताल कोरोना के खौफ के कारण कई मरीजों को भर्ती करने से इनकार कर रहे हैं। देश कई हिस्सों में अस्पतालों की बेरुखी से मरीजों की मौत भी हुई है। अब केंद्र सरकार इस मामले पर ऐक्शन में आई है और राज्य सरकारों से कहा है वह सभी अस्पतालों को खुले रखना सुनिश्चित कराएं। केंद्र ने साथ ही अस्पताल आने वाले किसी भी मरीज का कोविड-19 टेस्ट कराने के लिए जोर नहीं देने को भी कहा है। केंद्र की राज्यों को चिट्ठी केंद्रीय स्वास्थ सचिव प्रीती सूदन ने राज्यों के मुख्य सचिवों को लिखे एक पत्र में कहा है कि केंद्र को ऐसी रिपोर्ट मिली है कि कई निजी अस्पताल कोरोना के संक्रमण के डर से या बंद होने के कारण मरीजों को आपात सेवाएं जैसे, डायलिसिस, ब्लड ट्रांसफ्यूजन, कीमोथेरेपी जैसी सेवाएं देने में हिचक रहे हैं। गंभीर मरीजों को सेवाएं दें अस्पताल-केंद्र सूदन ने पत्र में लिखा है, 'जिन मरीजों को आपात सेवाओं की जरूरत है, उन्हें इसे तुरंत मुहैया कराया जाए। खासतौर पर निजी क्षेत्र के अस्पतालों में को चालू रखा जाए ताकि मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े।' अस्पतालों के सेवा देने से पहले कोविड-19 टेस्ट कराने पर उन्होंने कहा कि अस्पताल लोगों को जरूरी प्रोटेक्शन के लिए कह सकते हैं। चिट्ठी में 20 अप्रैल के गाइडलाइंस का भी जिक्र केंद्र के पत्र में 20 अप्रैल को जारी गाइडलाइंस का भी जिक्र किया गया है। गाइडलाइंस में कहा गया है कि जरूरी सेवाओं को नहीं रोका जाएगा। इसमें चाइल्ड हेल्थकेयर, कैंसर और किडनी जैसी सेवाएं शामिल हैं। यहां अस्पतालों ने मरीजों को लौटाया -पठानकोट में गंभीर बीमारी से जूझ से रहा एक बच्चे को अस्पताल ने भर्ती करने से इनकार कर दिया। बाद में बच्चे की मौत हो गई। -अहमदाबाद के एक अस्पताल ने 93 साल की एक महिला को भर्ती करने से इनकार कर दिया था। -मुंबई में कम से कम 4 प्रेग्नेंट महिलाओं को अस्पताल ने अस्पतालों ने लौटाया। अस्पताल कोविड-19 नेगेटिव रिपोर्ट की मांग कर रहे थे। -दिल्ली में हार्ट अटैक आए एक 65 साल के मरीज को अस्पतालों ने भर्ती करने से इनकार किया। बाद में मरीज की मौत हो गई। -आगरा में पेट दर्द से पीड़ित एक 12 साल के बच्चे को अस्पतालों ने भर्ती करने से किया इनकार। बच्चे की 25 अप्रैल को हो गई मौत। -कोलकाता में एक डायरिया से पीड़ित और डायलिसिस के एक मरीज को अस्पतालों ने भर्ती करने से किया इनकार। -हैदराबाद में 10 अस्पतालों ने नियो समस्या से जूझ रही एक महिला को भर्ती करने से किया इनकार। महिला की मौत। -बेंगलुरु और मैसूर में 29 साल की एक महिला को 3 अस्पतालों ने सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद भर्ती करने से किया इनकार।
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