विदेशों में फंसे भारतीयों की बढ़ी बेचैनी
नई दिल्ली कोरोना संकट के बीच जब आधा से अधिक विश्व ग्लोबल लॉकडाउन के साये में हैं, विदेशों में फंसे भारतीयों की अब बेचैनी बढ़ने लगी है। वे भारत से गुहार लगा रहे हैं कि किसी तरह उन्हें देश आने में मदद करें और इसके लिए वह यहां आकर क्वारंटीन होने के लिए भी तैयार हैं। इसके लिए जापान से लेकर दुबई तक से सैकड़ों लोगों ने मांग की है उन्हें तत्काल वापस लाया जाए। जापान में फंस गए भारतीय छात्रों और कर्मचारियों के एक समूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार की है। इनका दावा है कि वहां करीब ढाई हजार छात्र और कर्मचारी फंस गए हैं जो वतन वापस आना चाहते हैं। इनमें से कई छात्र तो ऐसे है जिनका कोर्स मार्च में ही खत्म हो गया है और उसके साथ ही उनको हॉस्टल या पेइंग गेस्ट का अग्रीमेंट भी खत्म हो गया है। ऐसे में इन लोगों को अब होटल में रहना पड़ रहा है। जापान में शिजुका में रहने वाली छात्रा शरमानिया ने एक वीडियो संदेश में कहा कि वह जापान में 4 साल से स्टूडेंट वीजा पर हैं लेकिन उनका स्कूल मार्च में खत्म हो गया है और उसके साथ ही उनका रेंट अग्रीमेंट भी खत्म हो गया है। इसलिए उन्हें होटल में रहना पड़ रहा है। वहीं जापान में अकेली फंस गईं वृन्दा तो अपनी पांच साल की बेटी से दूर हो गई हैं। अपनी बेटी को याद करते भावुक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि वह 25 मार्च को वापस जाने वाली थी लेकिन भारत में लॉकडाउन के कारण फंस गईं। उनकी पांच साल की बेटी भारत में दादा-दादी के पास है। वह किसी सूरत में भारत आना चाहती है। इसी तरह जयपुर के कमल विजयवर्गीय एक निजी कंपनी के काम से मार्च के पहले सप्ताह में ही जापान गए हुए थे और उनको 27 मार्च को वापस आना था लेकिन उनकी वापसी की फ्लाइट कैसल कर दी गई। अब वह वहां फंस गए हैं। जयपुर में उनकी पत्नी श्वेता विजयवर्गीय और बच्चे परेशान है। इनकी मांग है कि जापान सरकार ने अपने नागरिकों को बुलाने के लिए भारत से एयरइंडिया को किराया पर लिया है ऐसे में जब वह वहां से आए तो खाली नहीं लौटे बल्कि इन्हें भी लेकर आए। वे इसके लिए किराया भी देने को तैयार हैं। इन लोगो ने जापान के पीएम शिंजो आबे को भी चिट्ठी लिखी है, जिसमें यही सुझाव दिया है। वहीं दुबई में फंसी गीता श्रीधरन गर्भवती है। केरल के कालीकट की रहने वाली गीता वहां अकेली हैं और भारत लौटना चाहती हैं। अब तक 21 हजार भारतीय को वापस लाया गया जहां तक विदेशों में फंसे भारतीयों को देश लाने की बात है, अब तक हजारों लोगों को देश लाया भी गया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार लगभग 21 हजार भारतीयों को लाया गया है। वहीं अगर विदेश में फंसे भारतीयों की बात करें तो 53 देशों में 3336 भारतीय कोरोना के शिकार भी हुए जिनमें 25 की मौत भी हो चुकी है। इनमें अधिकतर खाड़ी देशों में थे। कई देशों ने भारत में फंसे नागरिकों को बुलाया हालांकि, भारत में दूसरे देशों के नागरिक जो फंस गए थे उन्हें जरूर यहां से भेजा गया। सरकार के अनुसार इसकी पहल खुद संबंधित देशों ने की थी। अब तक अमेरिका, जापान, इंगलैंड, जर्मनी, कनाडा जैसे देश यहां फंसे अपने नागरिकों को वापस ले जा चुके हैं। कुल मिलाकर 48 देशों के लगभग 40000 नागरिकों को यहां से भेजा गया। इनमें से अधिकतर देशों ने एयर इंडिया के विमान को किराये पर लिया। इंगलैंड के 3600 और नागरिकों को 14 और विमानों से भेजा जाएगा। ये उड़ानें अमृतसर, अहमदाबाद और दिल्ली से होंगी। अब तक 10 हजार से अधिक ब्रिटिश नागरिकों को 38 विमानों से पहले ही भेजा जा चुका है।
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