बचत के लिए CDS ने सेनाओं को सुझाए ये उपाय

नई दिल्ली कोरोना संकट काल (Corona Crisis) के दौरान बजट का सही इस्तेमाल और खर्चे कम करने के लिए मिलिट्री अफेयर्स डिपार्टमेंट ने आर्मी, नेवी और एयरफोर्स को कई कदम उठाने का कहा है। इसमें ऑफिसर्स मेस, कुक हाउस, यूनिट मेडिकल फैसिलिटी की बिल्डिंग में कटौती के साथ ही गैराज बनाने में भी बचत करने को कहा गया है। के तहत कुछ महीनों पहले ही मिलिट्री अफेयर्स डिपार्टमेंट बना है, जिसे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल () हेड कर रहे हैं। ऑफिसर्स मेस को किया जाए कम () के इस दौर में सभी मंत्रालयों से बचत करने को कहा गया है। तीनों सेनाओं यानी आर्मी, नेवी और एयरफोर्स को भेजे गए एक ऑर्डर में सीडीएस की तरफ से कई तरीके बताए गए हैं। इस ऑर्डर में कहा गया है कि ऑफिसर्स मेस स्टेशन के आधार पर होंगे। अभी ऑफिसर्स मेस हर यूनिट के होते हैं। आर्मी के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि कई ऑफिसर्स मेस में 2-4 अधिकारी ही खाना खाते हैं और अगर स्टेशन के आधार पर मेस होंगे तो एक्स्ट्रा बिल्डिंग का कुछ और इस्तेमाल हो सकता है। कुक हाउस की संख्या कम की जाए एक दूसरे अधिकारी ने कहा कि इससे यह भी फायदा होगा कि मैन पावर की बचत होगी। लेकिन उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि यह हर स्टेशन की जरूरतों को देखते हुए किया जाना चाहिए, सब जगह की स्थितियां अलग हैं। हर यूनिट मेस को बंद नहीं किया जा सकता। ऑर्डर में कुक हाउस की संख्या कम करने को भी कहा गया है। कुक हाउस उस जगह को कहते हैं जहां जवान खाना खाते हैं। अभी हर कंपनी का अपना कुक हाउस होता है। एक यूनिट में 3 से 4 कंपनियां तक होती हैं। ऑर्डर में कहा गया है कि प्रति यूनिट दो कुक हाउस बनाए जाएं। जेसीओ क्लब को भी 50 फीसदी कम किया जाए इसी तरह जेसीओ क्लब भी 50 फीसदी कम करने को कहा गया है। जेसीओ क्लब जेसीओ के लिए होते हैं जहां वह खाना खाते हैं। आर्मी के एक अधिकारी ने कहा कि पीस स्टेशनों पर ज्यादातर ऑफिसर और जवान भी परिवार के साथ रहते हैं इसलिए इनकी संख्या कम करने से कोई दिक्कत नहीं होगी, बल्कि मैन पावर का सही इस्तेमाल होगा और फालतू खर्च बचेगा। ऑर्डर के मुताबिक यूनिट के अलग एमआई रूम, फैमिली वेलफेयर सेंटर न बनाकर यह स्टेशन के होंगे। एमआई रूम का मतलब मेडिकल रूम होता है। टैंक के लिए टिन का गैराज ऑर्डर में कहा गया है कि टैंक और दूसरे आर्म्ड वीइकल के लिए अब कंकरीट का गैराज नहीं बनेगा। इन्हें रखने के लिए टिन का गैराज बनाया जाएगा। साथ ही आर्मी के ट्रक, जीप जैसे दूसरे वीइकल के रखने के लिए टेंपरेरी शेड्स बनेंगे। एडिमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक में अभी ऑफिसर्स की गाड़ियों पार्क करने के लिए कवर्ड पार्किंग है, ऑर्डर में कहा गया है कि एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक में कवर्ड पार्किंग नहीं बनाई जाएगी, खुली पार्किंग होगी, क्योंकि गाड़ियां कुछ वक्त के लिए ही रहती हैं। ऑर्डर में कहा गया है कि सालाना मिलने वाली रकम से कोई साइन बोर्ड भी नहीं बनाया जाएगा। सीडीएस ने तीनों सेना हेडक्वॉर्ट्स से इस तरह के और भी उपायों की पहचान करने को कहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था- खर्च कम करने के लिए सेनाएं उठाएं कदम कोरोना के इस संकटकाल में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने तीनों सेनाओं यानी आर्मी, नेवी और एयरफोर्स से कहा था कि वह कोरोना वायरस के इस दौर में खर्च कम करने के लिए जरूरी कदम उठाएं। उन्होंने तीनों सेनाओं के कमांडर्स इन चीफ से विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात करते हुए कहा था कि कोरोना की वजह से इकॉनमी पर भार पड़ा है। इसलिए फाइनैंशल रिसोर्स संभलकर इस्तेमाल किए जाएं।


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