कोरोना न आए, राज्यों ने सड़क में बनाए गड्ढे-दीवार
नई दिल्ली कोरोना वायरस महामारी ( Pandemic) के बीच लोगों की राज्य में एंट्री को रोकने के लिए सीमाओं पर अस्थायी बैरिकेड्स (temporary barricades) लगाना तो सामान्य बात है। लेकिन अब देश के कई राज्य अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नक्शेकदम पर चलते हुए बॉर्डर पर दीवार चुनवाकर या गड्ढे खोदकर पड़ोसी राज्यों से खुद को सील करने की कोशिश कर रहे हैं। ट्रंप तो मेक्सिको से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दीवार खड़ी कर रहे हैं लेकिन यहां तो राज्य ही पड़ोसी राज्यों के लिए दीवार खड़ी कर रहे हैं और वजह है कोरोना वायरस महामारी। तमिलनाडु में रातों रात सीमा पर खड़ी हुईं दीवारें तमिलनाडु के सीमाई जिले वेल्लोर में अधिकारियों ने पिछले दिनों तब सभी को हैरान कर दिया जब उन्होंने रातों रात आंध्र प्रदेश बॉर्डर के नजदीक एक सड़क पर क्रंक्रीट की 2 दीवारें खड़ी कर दीं। दोनों दीवारें 3 फीट चौड़ी और 5 फीट ऊंची थी। वेल्लोर जिले में ही आंध्र प्रदेश सीमा पर कम से कम 3 चेक पॉइंट्स- रानीपेट, पोन्नई और पालामनेर में अस्थायी दीवारें खड़ी कई गईं। हालांकि, 4 अन्य रूट्स को खुला रहने दिया गया। इससे सुपर-स्पेशियलिटी मेडिकल सर्विसेज के लिए मशहूर वेल्लोर में न सिर्फ ट्रैफिक में बाधा आई बल्कि आंध्र प्रदेश को जाने वाली कम से कम 10 हजार लीटर दूध की सप्लाई भी रुक गई। दीवार बनने के बाद वेल्लोर के डेरी फार्मरों को बहुत लंबे रूट को अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा। ओडिशा में आंध्र बॉर्डर पर सड़क पर खुद गए गड्ढे इसी बीच ओडिशा ने भी अपनी कुछ सीमाई सड़कों पर कुछ ऐसा ही किया। आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में हाल में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले सामने आने के बाद ओडिशा ने अपनी सीमा पर गड्ढे खोद दिया। देशव्यापी लॉकडाउन की वजह से वैसे भी मूवमेंट सीमित है, इसलिए सोमवार तक तो गड्ढे वाली बात स्थानीय स्तर से ऊपर पहुंची ही नहीं थी। इसकी जानकारी तो तब फैली जब सोमवार को एक गर्भवती आदिवासी महिला को अस्पताल ले जाने के बांस के सहारे गड्ढे को पार कराया गया। अल्थी गांव की सवरा वनीश्री को इस तरह अस्पताल ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। दिल्ली-एनसीआर में भी कुछ ऐसा ही हाल दिल्ली-एनसीआर में भी कोरोना वायरस महामारी की वजह से मेडिकल स्टाफ तक के मूवमेंट पर ब्रेक गया। पिछले हफ्ते यूपी के नोएडा और गाजियाबाद ने दिल्ली से सटी अपनी सीमाओं को सील करने का फैसला लिया। रविवार को नोएडा ने एक कदम आगे बढ़ते हुए कहा कि वह नॉन-कोविड ड्यूटी पर तैनात मेडिकल स्टाफ तक के लिए भी ट्रैवल पास नहीं जारी करेगा। हालांकि, सोमवार को उसने कुछ ढील का ऐलान करते हुए कैब एग्रीगेटर ऊबर से नॉन-इमर्जेंसी मेडिकल ट्रांसपोर्ट के लिए करार किया। इसी तरह सोमवार को हरियाणा के फरीदाबाद ने दिल्ली से सटी सीमा को सील करने का ऐलान किया। यहां तक कि वे सरकारी कर्मचारी जो दिल्ली में काम करते हैं लेकिन फरीदाबाद में रहते हैं, उन्हें 72 घंटे की मोहलत दी गई कि वे राष्ट्रीय राजधानी में ही अपने रहने-खाने का इंतजाम कर लें क्योंकि उन्हें आने-जाने नहीं दिया जाएगा। 3 मई के बाद भी गोवा अपनी सीमाओं को बंद रखना चाहता है सोमवार को गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने अपने राज्य की सीमाओं को सील करने का मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उठाया। सावंत ने कहा कि उन्होंने पीएम मोदी से सिफारिश की है कि महाराष्ट्र और कर्नाटक के साथ लगी गोवा की सीमा को 3 मई के बाद भी बंद रखा जाना चाहिए। आंध्र प्रदेश ने दीवारों, गड्ढों पर पड़ोसी राज्यों से जताया ऐतराज दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश ने पड़ोसी राज्यों द्वारा सीमा पर दीवारें खड़ी करने या गड्ढे खोदने पर तत्काल संबंधित राज्यों से ऐतराज जताया। आंध्र के अधिकारियों ने सोमवार को तमिलनाडु और ओडिशा के अपने-अपने समकक्षों को फोन मिलाकर कहा कि दीवारें खड़ी करने और हाईवेज पर गड्ढे खोदने से मेडिकल इमर्जेंसी के वक्त संकट खड़ा हो सकता है।
- भारत में कोरोना का पहला मामला कब और किस राज्य में सामने आया?भारत में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 30 जनवरी को केरल में सामने आया था। चीन के वुहान यूनिवर्सिटी से लौटे एक छात्र में कोरोना वायरस के लक्षण पाए गए थे।
- भारत में कोरोना वायरस से पहली मौत कब और कहां हुई?भारत में कोरोना वायरस से पहली मौत 12 मार्च को हुई। कर्नाटक के कलबुर्गी में सऊदी अरब से लौट 76 साल के शख्स भारत में इस वायरस के पहले शिकार बने।
- भारत में कुल कितने लोग कोरोना से संक्रमित हैं और अब तक कितनी मौतें हुई हैं?स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक मंगलवार सुबह तक देश में कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या 934 हो गई है। इसके साथ ही संक्रमितों की संख्या बढ़कर 29,435 हो गई है।
- कोरोना वायरस की चपेट में आए अब तक कितने मरीज ठीक हो चुके हैं?स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक मंगलवार सुबह तक 6,869 लोग ठीक हो चुके हैं और एक व्यक्ति विदेश चला गया है। कुल मामलों में 111 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
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