कोरोना: गुजरात में ज्यादा मौतें, वजह यह तो नहीं

नई दिल्‍ली/गांधीनगर वायरस का फैटलिटी रेट (मौतों की दर) बाकी राज्‍यों के मुकाबले ज्‍यादा है। यहां अबतक 133 लोग COVID-19 से ग्रस्‍त होकर अपनी जान गंवा चुके हैं। गुजरात का फैटलिटी रेट 4.3 प्रतिशत है। इसके पीछे वुहान का एक कनेक्‍शन हो सकता है। गुजरात में तीन निजी अस्‍पतालों को भी COVID-19 मरीजों के इलाज का जिम्‍मा सौंपा गया है। इन्‍हीं में से एक, स्‍टर्लिंग हॉस्पिटल के इंफेक्शियस डिजीज स्‍पेशलिस्‍ट डॉ. अतुल पटेल के मुताबिक, राज्‍य का हाई फैटलिटी रेट कोरोना वायरस के L स्‍ट्रेन की वजह से हो सकता है। सीएम की मौजूदगी में सामने आई बातडॉ. अतुल ने इस बात का अंदेशा मुख्‍यमंत्री विजय रुपाणी और उप-मुख्‍यमंत्री नितिन पटेल की अगुवाई में हुए मीडिया इंटरऐक्‍शन में जताया। उन्‍होंने कहा कि केरल में मॉर्टलिटी रेट इसलिए कम था क्‍योंकि अधिकतर मरीज दुबई से आए। वहां कोरोना का थोड़ा हल्‍का S स्‍ट्रेन फैला था। हालांकि जनवरी में केरल से जो तीन मरीज मिले, वे वुहान में पढ़ने वाले स्‍टूडेंट्स थे। कोरोना का कौन सा स्‍ट्रेन ज्‍यादा खतरनाक?डॉ. पटेल के मुताबिक, कोरोना वायरस के दो खास स्‍ट्रेन्‍स हैं- L और S स्‍ट्रेन। इनमें से L वही है जो मूल रूप से वुहान में फैला। यह ज्‍यादा पैथोजेनिक है और बेहद गंभीर बीमारी देता है और मौत भी जल्‍दी होती है। वुहान के बाद, L स्‍ट्रेन का स्‍पांटेनियस म्‍यूटेशन हुआ जो S स्‍ट्रेन में बदला। यह थोड़ा हल्‍का है, कम पैथोजेनिक है। गुजरात में कहां से आया L स्‍ट्रेन?डॉक्‍टर के मुताबिक, केरल में S स्‍ट्रेन के ज्‍यादा मामले हैं जबकि L स्‍ट्रेन इटली और फ्रांस में ज्‍यादा पाया गया। उसकी वजह से तेजी से मौतें हुईं। उन्‍होंने कहा, "अमेरिका में न्‍यू यॉर्क का डेटा बाकी राज्‍यों से बिल्‍कुल अलग है। न्‍यू यॉर्क के पेशेंट्स यूरोप से घूमकर लौटे थे। डॉ. पटेल ने कहा, "हमारे यहां यूरोपियन देशों, अमेरिका और न्‍यू यॉर्क से लोग आ रहे हैं और इसलिए यहां पर वायरस का मिक्‍स्‍ड स्‍ट्रेन है। हमें रिसर्च करना होगा कि यहां कौन सा स्‍ट्रेन ज्‍यादा फैला है। मुझे लगता है कि हमारे यहां (गुजरात) में L स्‍ट्रेन ज्‍यादा है जिसकी वजह से मौतें हो रही हैं।" कौन सा स्‍ट्रेन ज्‍यादा, पता लगाना होगाभारत में अबतक कोरोना वायरस के तीन स्‍ट्रेन मिले हैं। इनमें चीन, अमेरिका और यूरोप के स्‍ट्रेन शामिल हैं। ICMR के मुताबिक, इन तीनों में बेहद कम अंतर है। पिछले हफ्ते ICMR ने कहा था कि वुहान से एयरलिफ्ट कर लाए गए स्‍टूडेंट्स और यहां फैले वायरस का स्‍ट्रेन चीनी स्‍ट्रेन जैसा था। इटली और अमेरिका में फैले वायरस का जीनोम बाकी देशों से अलग है क्‍योकि लोग ट्रेवल ज्‍यादा करते हैं। हमें कुछ वक्‍त में पता लगेगा कि कौन सा स्‍ट्रेन ज्‍यादा फैला है। अच्‍छी बात ये है कि यह वायरस जल्‍दी-जल्‍दी म्‍यूटेट नहीं करता। गुजरात में मौतें ज्‍यादा क्‍यों?डॉ. अतुल ने गुजरात में कोरोना से मौतों की ज्‍यादा संख्‍या के पीछे मरीजों में डायबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों का होना भी एक वजह बताई। पल्‍मोनोलॉजिस्‍ट पार्थिव मेहता ने कहा कि लक्षणों के प्रति देरी से रिएक्‍शन भी एक वजह हो सकती है कि मौतें 'छह से 24 घंटों' के भीतर हुईं। सीएम विजय रुपाणी के मुताबिक, राज्‍य कोरोना मामलों के डबलिंग रेट के हिसाब से खुद को तैयार कर रहा था।


from India News: इंडिया न्यूज़, India News in Hindi, भारत समाचार, Bharat Samachar, Bharat News in Hindi https://ift.tt/2Y3YySY

Comments

Popular posts from this blog

20 साल बाद 'नाबालिग' हत्यारे की फांसी पर रोक?

इन्सेफलाइटिस : यूपी ने 2 ही साल में किया कमाल

CBI विवाद में डोभाल, केंद्रीय मंत्री का उछला नाम