'सख्त' जज के ट्रांसफर पर छिड़ा सियासी संग्राम

नई दिल्ली दिल्ली दंगों की सुनवाई के दौरान पुलिस और सॉलिसिटर जनरल से तीखे सवाल करने वाले जस्टिस मुरलीधर का ट्रांसफर अब राजनीतिक रूप ले चुका है। विपक्ष इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर सीधे हमले कर रहा है। कांग्रेस पार्टी की तरफ से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने दिल्ली हिंसा और जज ट्रांसफर पर केंद्र पर निशाना साधा। प्रियंका ने जस्टिस मुरलीधर के ट्रांसफर को शर्मनाक कहा वहीं राहुल ने दिल्लीवालों से उकसावे के बीच संयम बरतने की अपील की। इस बीच बीजेपी ने भी कांग्रेस पर पलटवार करते रूटीन ट्रांसफर को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा, 'दिल्ली में हुई हिंसा परेशान करनेवाली है और इसकी निंदा की जानी चाहिए। शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन हिंसा को किसी तरह सही नहीं ठहराया जा सकता। मैं दिल्लीवालों से संयम बरतने और समझदारी दिखाने की अपील करता हूं, चाहे कितना ही क्यों नहीं उकसाया जाए। बहादुर जज लोया को याद करता हूं, जिनका ट्रांसफर नहीं हुआ था।' यह भी पढ़ें: LIVE: प्रियंका गांधी ने लिखा, 'आधी रात को जज मुरलीधर का ट्रांसफर वर्तमान वक्त में हैरान करनेवाला नहीं बल्कि दुख देनेवाला और शर्मनाक है। करोड़ों भारतीयों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा है। यह सरकार न्याय में बाधा डाल रही है, लोगों का न्याय व्यवस्था से भरोसा उठा रही है जो दुखद है।' कांग्रेस ने मोदी सरकार से पूछे तीन सवाल कांग्रेस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए जज मुरलीधर के ट्रांसफर को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, 'रातोंरात आनन फानन में बीजेपी नेताओं को बचाने के लिए कानून मंत्रालय ने जज का ट्रांसफर कर दिया। पूरा देश अचंभित हैं, मोदी सरकार कुत्सित सोच से काम कर रही है। हमारे देश के न्यायपालिका ने देश के संविधान की रक्षा की है, पहली बार ऐसा हो रहा है कि कोई सरकार सत्ता के नशे में इस कदर चूर है कि वह संविधान और न्यायपालिका को कमजोर कर रही है।' पढ़ें: सुरजेवाला ने कहा, 'मोदी और अमित शाह जी तीन सवाल देश आपसे पूछता है- क्या सरकार को डर था कि बीजेपी नेताओं की स्वतंत्र जांच हो जाएगी तो दिल्ली के आतंक, हिंसा और षडयंत्र का पर्दाफाश हो जाएगा। न्याय को रोकने के लिए आप और कितने जज का ट्रांसफर करेंगे। आपके पास अपने नेताओं के बचाव का कोई और तरीका नहीं था जिसकी वजह से आपने जज का ट्रांसफर कर दिया।' पढ़ें: कांग्रेस ने बीजेपी नेताओं का विडियो दिखाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'भारत सरकार के वकील ने कहा कि उन्होंने विडियो देखे ही नहीं। फिर उन्हें कोर्ट में ही विडियो दिखाए गए। इसके बाद उन्होंने कहा कि यह सही समय नहीं है।' बीजेपी का पलटवार, बताया रूटीन ट्रांसफर केंद्रीय कानून मंत्री और बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए ट्रांसफर के मुद्दे पर राजनीति का आरोप लगाया है। रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'एक रूटीन ट्रांसफर का राजनीतिकरण करके कांग्रेस ने एक बार फिर न्यायपालिका के प्रति अपनी संकीर्ण सोच को उजागर किया है। देश के लोगों ने कांग्रेस पार्टी को खारिज कर दिया है, इसलिए वह देश के इंस्टिट्यूशन्स पर लगातार हमले करते हुए उनको नष्ट करने पर तुली है।' बता दें कि इससे पहले बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने हिंसा को सुनियोजित साजिश बताया था और इसे रोकने में नाकामी के लिए गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की थी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने पलटवार में कहा कि जिनके हाथ निर्दोष सिखों के खून से रंगे हैं, वे नाकामी की बात कर रहे हैं। पढ़ें: जस्टिस मुरलीधर ने की थी सख्त टिप्पणी बुधवार को हिंसक घटनाओं पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई थी। जस्टिस मुरलीधर की बेंच ने कथित भड़काऊ बयान देने वाले बीजेपी नेता- कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर, परवेश वर्मा पर FIR की मांग वाली याचिका सुनी थी। चिंता जताते हुए बेंच ने कहा था कि कितनी और मौतों का इंतजार रहेगा? हम दिल्ली में एक और 1984 (दंगे) की इजाजत नहीं दे सकते। कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और पुलिस से पूछा कि क्या आपने कपिल मिश्रा के विडियो देखे हैं? मेहता और पुलिस के इनकार पर जज बोले, क्या आपके दफ्तर में टीवी नहीं है? फिर कोर्टरूम में विडियो चलवाकर देखे गए। कोर्ट ने यह भी कहा था कि केंद्र-राज्य में बैठे Z सिक्यॉरिटी प्राप्त लोग पीड़ित परिवारों से मिलें ताकि भरोसा पैदा हो। इसी बीच बुधवार शाम खबर आई कि जस्टिस मुरलीधर का दिल्ली हाई कोर्ट से पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में ट्रांसफर हो गया है।


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