'कत्ल' के 6 माह बाद भी जिंदा थी शीना: इंद्राणी

मुंबई शीना बोरा मर्डर की आरोपी ने अपनी जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान स्पेशल सीबीआई कोर्ट के सामने चौंकाने वाला दावा किया। इंद्राणी ने कहा कि 24 अप्रैल 2012 को कथित रूप से मर्डर के 6 महीने बाद तक शीना जिंदा थी और अपने मंगेतर राहुल मुखर्जी के साथ थी। इंद्राणी ने केस में पांचवीं बार जमानत याचिका दाखिल की है जिस पर मंगलवार को सुनवाई हुई। राहुल के कॉल डेटा रेकॉर्ड का हवाला देते हुए इंद्राणी ने कोर्ट को बताया कि दोनों के बीच 26, 27 और 28 सितंबर को टेक्स्ट मेसेज का आदान-प्रदान हुआ था। इंद्राणी ने कोर्ट के सामने 27 सितंबर 2012 को दोनों के नंबर पर भेजे गए मेसेज पढ़े। इंद्राणी ने बताया, 'राहुल ने लिखा- बाबा एम इन द कार पार्क, कम न (बाबा मैं कार पार्क में हूं, जल्दी आओ न।) इस पर शीना का रिप्लाइ आया- 5 मिनट, बब्स। उसके बाद राहुल का मेसेज आया- ए चलो जल्दी।' इंद्राणी ने बताया कि उसे जानबूझकर फंसाया जा रहा है, वह बेकसूर है। इंद्राणी ने कहा कि अगस्त 2015 में उसकी गिरफ्तारी के तुरंत बाद, ने उसके अकाउंट से अपने और अपने दोनों बेटे राहुल और रबिन के अकाउंट में 6 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इंद्राणी ने यह भी दलील दी कि अप्रैल 2012 में शीना के कथित मर्डर के बाद अगस्त 2015 में गिरफ्तारी तक उसने 19 बार भारत में और भारत के बाहर यात्रा की। इंद्राणी ने कहा, 'अगर मैंने ऐसा क्राइम किया होता तो मैं वापस क्यों आती?' इस मामले में दूसरे आरोपी पीटर मुखर्जी को बॉम्बे हाई कोर्ट ने 6 फरवरी को जमानत दी थी। हाई कोर्ट ने कहा था कि पूरे मामले में प्रथमदृष्टया पीटर के खिलाफ अपराध में शामिल होने के ठोस सबूत नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने CBI के अनुरोध पर अपने आदेश पर छह हफ्ते की रोक लगा दी थी, ताकि जांच एजेंसी फैसले के खिलाफ अपील दायर कर सके। इसीलिए, फिलहाल पीटर को जेल में रहना होगा।


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