आंखोंदेखीः छत से बुजुर्ग-बच्चे फेंक रहे थे पत्थर

शंकर सिंह, नई दिल्ली नागरिकता संशोधन कानून () पर नॉर्थ ईस्ट जिले में उपद्रव ने सोमवार को खूनी रूप धारण कर लिया। के हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल मीणा (42) शहीद हो गए, जबकि एक युवक मोहम्मद फुरकान (32) की भी मौत की खबर आ रही है। एक डीसीपी, एक एसीपी समेत 6 पुलिसकर्मी और 100 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए। कई गाड़ियों को फूंक दिया गया। कई दुकानों और मकानों को आग के हवाले कर दिया गया। भजनपुरा इलाके में एक पेट्रोल पंप को फूंक दिया गया। उपद्रवियों की तरफ से कई राउंड गोलियां चलीं। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हलका लाठी चार्ज किया। घोंडा चौक से लेकर भजनपुरा चौक तक आंसू गैस के सैकड़ों गोले दागे गए। कुछ धार्मिक स्थलों में भी की गई। पुलिस ने नॉर्थ ईस्ट जिले के दस थाना एरिया में धारा 144 लगा दी है। मौजपुर की तरफ से फैली आग मौजपुर चौक पर रविवार शाम को पूर्व विधायक कपिल शर्मा के धरने पर बैठने के बाद से शुरू हुई हिंसा सोमवार को भी जारी रही। मौजपुर चौक पर सुबह भी लोग डटे रहे। इन पर पथराव करने के लिए कर्दमपुरी और कबीर नगर से भारी तादाद में भीड़ सुबह 10 बजे मौजपुर चौक की तरफ बढ़ने लगी। पुलिस ने पथराव करनेवालों पर लाठी चार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। बचने के लिए उपद्रवी कबीर नगर और कर्दमपुरी की तरफ नाला पार करते हुए भाग गए। पुलिस मौजपुर रोड से गोकलपुरी ड्रेन पार कर कर्दमपुरी और कबीर नगर की तरफ बढ़ने की हिम्मत नहीं दिखा सकी। वहां की छतों से भी बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक पत्थर बरसा रहे थे। दोनों तरफ के लोग थे तैयार मौजपुर रोड से भी युवक उस तरफ पत्थर बरसाने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान कर्दमपुरी से पत्थरबाजी कर रहे कुछ युवकों को पुलिस ने पकड़ा। एक युवक भीड़ के हत्थे चढ़ गया, जिसकी जमकर पिटाई की गई। इस दौरान मौजपुर के विजय पार्क और नूर-ए-इलाही की गलियों में भी लोग आपस में पत्थरबाजी करने लगे। पुलिसवालों समेत लोगों को चोटें आईं। पुलिस ने कई राउंड आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को हटाने की कोशिश की। पुलिसवालों ने कॉलोनी के भीतर घुसकर गलियों में पत्थर चला रहे लोगों को समझाने की कोशिश की। दोनों तरफ के लोग हाथों में लाठी-डंडे लिए हुए थे। जाफराबाद: घोंडा चौक से आगे जलीं बसें दोपहर 2:30 बजे बाद उपद्रव की आग फैलने लगी। घोंडा चौक से आगे की तरफ और जाफरबाद मेट्रो स्टेशन के करीब, जहां महिलाएं धरने पर बैठी हैं, वहां से बिल्कुल नजदीक ही नाले पर बनी दुकानों में आग लगा दी गई। इसकी चपेट में करीब 8 दुकानें आईं। इस दौरान कुछ युवक हथियारों से लैस दिखाई दिए। एक युवक दोपहर करीब 3:30 बजे सरेआम पिस्टल लेकर सड़क पर फायरिंग करने लगा। पुलिसकर्मी ने हिम्मत करके उसे रोका, लेकिन वह हवाई फायरिंग करता रहा। भीड़ ने दो बसों को आग के हवाले कर दिया। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने पहुंचकर इस पर काबू किया। भजनपुरा-चांदबाग: मकान, दुकान, पंप फूंके भजनपुरा चौक पर खजूरी की तरफ के दोपहर करीब 3:00 बजे एक मकान और एक धार्मिक स्थल को आग लगा दी गई। यहां उपद्रवियों ने कई राउंड गोलियां चलाईं और पेट्रोल बम फेंके गए। दो टेंपो समेत करीब एक दर्जन गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। भजनपुरा स्थित पेट्रोल पंप को आग के हवाले कर दिया गया। इस पत्थरबाजी के दौरान कई उपद्रवी जख्मी हुए। कुछ सिर पर पट्टी बांधकर भी पत्थरबाजी कर रहे थे। पत्रकारों को फोटो और विडियो लेने से रोका जा रहा था। कैमरों और मोबाइल छीनने की कोशिश की गई। करीब पांच घंटे तक यह पत्थरबाजी चलती रही। करावल नगर: शेरपुर चौक पर जलाईं दुकानें शेरपुर चौक पर रविवार रात को एक दुकान पर सामान लेने के दौरान विवाद हो गया। इसके बाद दो गुट आमने-सामने आ गए। इसके बाद स्‍कूटर, बाइक ऑटो, रेहड़ी में आग लगा दी गई। पत्‍थरबाजी शुरू हो गई और पूरा इलाका आग की लपटों से घिरता चला गया। लोग अपने घरों के दरवाजे बंद कर छतों से देख रहे थे। स्थानीय लोग पुलिस को कॉल करते रहे, लेकिन वह नहीं पहुंची। स्थानीय लोगों का दावा है कि कई राउंड गोलियां चलाई गईं थी। यह सब सोमवार को भी जारी रहा और करीब सात-आठ दुकानों में आग लगा दी गई। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। देखती रही पुलिस, होता रहा उपद्रव, सुलगती रही आग हल्का लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ना, पुलिस ने जाफराबाद से लेकर भजनपुरा तक सोमवार को हुए उपद्रव के दौरान यही रवैया अपनाया। उपद्रवियों लाठी-डंडों से लैस होकर चल रहे थे। हाथों में पत्थर लेकर लिए चल रहे थे। पेट्रोल बम भी उनके सामने फेंके जा रहे थे। मकान, दुकान और धार्मिक स्थल आगजनी का शिकार हो रहे थे। पटरियों को उखाड़कर हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। खुलेआम असलहा लहराए जा रहे थे। घरों के भीतर से फायरिंग हो रही थी। घरों के ऊपर से भी पथराव किया जा रहा था। लेकिन पुलिस डिफेंसिव ही दिखाई दी, क्योंकि उसकी तादाद काफी कम थी। डीसीपी (नॉर्थ ईस्ट) वेद प्रकाश सूर्या और डीसीपी (ईस्ट) जसमीत सिंह जाफराबाद इलाके के मौजपुर चौक से आगे मोर्चा संभाले हुए थे। कर्दमपुरी, कबीर नगर और नूर-ए-इलाही की तरफ से उपद्रवी पत्थरबाजी करते हुए मौजपुर चौक की तरफ बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया और नाले के पार कर दिया। हालांकि पुलिस ने उन्हें पकड़ने की कोई कोशिश नहीं की। पुलिस नाले के इस तरफ से पत्थरबाजों को देखती रही, जबकि दूसरी तरफ से वो नारेबाजी करते रहे। यह चूहे-बिल्ली का खेल करीब छह घंटे तक चलता रहा। इस दौरान पुलिस ने जरूर कई आंसू गैस के गोले छोड़े। जाफराबाद में खुलेआम फायरिंग करने वाले आरोपी शाहरुख को भी तुरंत नहीं दबोचा गया। हालांकि एक पुलिसकर्मी ने उसे आगे बढ़ने से रोका। इसी तरह चांदबाग और भजनपुरा इलाके में भी उपद्रवी करीब पांच घंटे तक पुलिस के सामने ही पत्थरबाजी करते रहे। इस दौरान कई बार भगदड़ मची, लेकिन वहां तैनात पुलिसवाले चुपचाप देखते रहे। कई युवक जख्मी हो रहे थे, जिनके सिर और चेहरे पर चोट लग रही थी। लेकिन पुलिस के जवान ना तो उन्हें रोक रहे थे और ना जख्मी हो रहे युवकों को इलाज के लिए भेज रहे थे।


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