गुजरात: कोरोना से हुई मौत, नहीं दफनाने दिया शव

अहमदाबाद के चलते अहमदाबाद में एक 46 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी। मृतक महिला के शव को दफनाने के लिए जब कब्रिस्तान ले जाया गया तो लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। लोगों ने कहा कि महिला कोरोना से संक्रमित थी और उसे यहां पर दफनाने से स्थानीय के साथ-साथ बच्चे भी इस संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। स्थानीय लोगों की ओर से तकरीबन चार घंटे तक प्रदर्शन किया गया, जिसके बाद महिला के शव को दफनाने की जगह बदल दी गई। महिला के शव को गंज सोहदा कब्रिस्तान में दफनाया गया। यहां भी शव दफनाने के लिए सड़के दोनों तरफ घेराबंदी करनी पड़ी। इसके साथ ही चेतावनी दी गई कि जो लोग पुलिस की कार्रवाई में व्यवधान उत्पन्न करेंगे, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। लोग बोले- नहीं दफन होने देंगे शव मृतक महिला का शव रायपुर स्थित एक कब्रिस्तान में दफनाया जाना था। रायपुर और दनिलिम्दा में लोगों ने इस बात का जमकर विरोध किया और अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। दरअसल, मृतक महिला अस्टोडिया की रहने वाली थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महिला के घर के नजदीक ही दफनाने का इंतजाम किया था। जब पुलिसकर्मी और स्वास्थ्य विभाग के लोग मौके पर पहुंचे तो स्थानीय वहां जुट गए। सैकड़ों लोगों ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ बहस करना शुरू कर दिया। लोगों ने कहा कि वे अपनी सुरक्षा को देखते हुए महिला के शव को यहां नहीं दफन होने देंगे। पढ़ें: 'बॉडी बैग में संरक्षित किया गया था शव'पुलिस इन्स्पेक्टर यूडी जडेजा ने कहा, 'दफन करने के लिए गड्ढा खोदा जा रहा था तभी 400-500 लोग वहां प्रदर्शन करने लगे। उन्हें हमें सुनना चाहिए था कि शव को बॉडी बैग में संरक्षित किया गया था और ऐसे में कोरोना वायरस फैलने का कोई संभावना ही नहीं है।' इस ख़बर को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए


from India News: इंडिया न्यूज़, India News in Hindi, भारत समाचार, Bharat Samachar, Bharat News in Hindi https://ift.tt/3bwwtHm

Comments

Popular posts from this blog

20 साल बाद 'नाबालिग' हत्यारे की फांसी पर रोक?

इन्सेफलाइटिस : यूपी ने 2 ही साल में किया कमाल

CBI विवाद में डोभाल, केंद्रीय मंत्री का उछला नाम