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गठबंधन, सेक्युलरिज्म... हर सवाल पर NCP का जवाब

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नई दिल्ली महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर हाई वोल्टेज सियासी ड्रामा आखिर समाप्त हुआ, लेकिन कई सवालों के जवाब अब भी मिलने बाकी हैं। सूबे में शिवसेना को साथ लाने और कांग्रेस को भी इसके लिए तैयार करने में एनसीपी की अहम भूमिका है। एनसीपी को ही इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा झटका भी लगा, लेकिन उसके लिए संतोष की बात यह है कि उसने सारी मुश्किलों से पार पाने में कामयाबी पा ली। इसीलिए उद्धव सरकार का रिमोट शरद पवार के हाथों में रहने की बात कही जा रही है। एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक से कई अहम मसलों पर नवभारत टाइम्स के संवाददाता नरेंद्र नाथ ने बात की... गठबंधन की सरकार तो बन गई, लेकिन गठबंधन का भविष्य क्या है? सरकार कितने दिन चलेगी? - हताशा से भरकर बीजेपी ही यह प्रचारित कर रही है कि गठबंधन ज्यादा दिन नहीं चलेगा। अलग-अलग राजनीतिक दल जब साथ आते हैं तो एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम बनता है। हम तीनों दलों ने इसे बहुत सोच-समझ कर बनाया है। इसमें वह हर बिंदु शामिल है, जिस पर भविष्य में टकराव हो सकता था। जब हम लोग इसे बनाने के लिए बैठ रहे थे, तब बीजेपी यह प्रचारित करने में लगी थी कि ये दल कभी न्यूनतम साझा ...

गठबंधन, सेक्युलरिज्म... हर सवाल पर NCP का जवाब

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नई दिल्ली महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर हाई वोल्टेज सियासी ड्रामा आखिर समाप्त हुआ, लेकिन कई सवालों के जवाब अब भी मिलने बाकी हैं। सूबे में शिवसेना को साथ लाने और कांग्रेस को भी इसके लिए तैयार करने में एनसीपी की अहम भूमिका है। एनसीपी को ही इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा झटका भी लगा, लेकिन उसके लिए संतोष की बात यह है कि उसने सारी मुश्किलों से पार पाने में कामयाबी पा ली। इसीलिए उद्धव सरकार का रिमोट शरद पवार के हाथों में रहने की बात कही जा रही है। एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक से कई अहम मसलों पर नवभारत टाइम्स के संवाददाता नरेंद्र नाथ ने बात की... गठबंधन की सरकार तो बन गई, लेकिन गठबंधन का भविष्य क्या है? सरकार कितने दिन चलेगी? - हताशा से भरकर बीजेपी ही यह प्रचारित कर रही है कि गठबंधन ज्यादा दिन नहीं चलेगा। अलग-अलग राजनीतिक दल जब साथ आते हैं तो एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम बनता है। हम तीनों दलों ने इसे बहुत सोच-समझ कर बनाया है। इसमें वह हर बिंदु शामिल है, जिस पर भविष्य में टकराव हो सकता था। जब हम लोग इसे बनाने के लिए बैठ रहे थे, तब बीजेपी यह प्रचारित करने में लगी थी कि ये दल कभी न्यूनतम साझा ...

उद्धव सरकार: अजेंडे में सेक्युलर मूल्यों पर जोर

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मुंबई महाराष्ट्र में सरकार बनाने से पहले शिवसेना-एनसीपी और ने आधिकारिक तौर पर अपने गठबंधन के नाम का ऐलान करते हुए भी जारी कर दिया है। तीनों दलों ने गठबंधन को '' नाम दिया है। इस कॉमन मिनिमम प्रोग्राम की शुरुआत में ही कहा गया है कि यह गठबंधन संविधान में वर्णित धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को लेकर प्रतिबद्ध है। इसके अलावा इसमें किसानों को लेकर कई तरह के ऐलान किए गए हैं। नेता एकनाथ शिंदे ने बताया कि इस कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, प्रमुख शरद पवार और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के हस्ताक्षर हैं। महा विकास अघाड़ी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता की शंकाएं अब खत्म हो गई हैं। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में तीनों दल सरकार बनाने के लिए राजी हो गए हैं। उन्होंने बताया, 'शिवाजी पार्क में शिवाजी महाराज और शिवसेना के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे को साक्षी मानकर शपथ ग्रहण किया जाएगा।' आपको बता दें कि शिवाजी पार्क में ही बाल ठाकरे का स्मारक भी है। महा विकास अघाड़ी के कॉमन मिनिमम प्रोग्राम में क्या-क्या किसानों के लिए 1) बाढ़ और बेमौसम बारिश की ...

महाराष्‍ट्र: मंच पर दिखी 'महाअघाड़ी' की ताकत

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मुंबई महाराष्ट्र में शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की गठबंधन सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी दलों ने अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की। उद्धव के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मंच पर विपक्ष के तमाम नेताओं ने एक साथ आकर एकजुटता का संदेश दिया। इसके अलावा इस 'महा शपथ ग्रहण समारोह' में शरद पवार और बाला साहब ठाकरे के परिवार भी एक साथ एक मंच पर नजर आए। शिवाजी पार्क में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस पार्टी के नेता अहमद पटेल, कपिल सिब्बल, एमपी के सीएम कमलनाथ, पूर्व गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे, अभिषेक मनु सिंघवी और पृथ्वीराज चव्हाण मंच पर बैठे नजर आए। साथ ही डीएमके चीफ एमके स्टालिन, एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल, सुप्रिया सुले, पूर्व डेप्युटी सीएम अजित पवार भी एक साथ मंच पर एक साथ दिखे। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी अपनी पत्नी नीता और बेटे अनंत के साथ समारोह मंच के सामने बैठे दिखाई दिए। मतभेद भूल भाई के मंच पर दिखे राज ठाकरे खास बात यह कि शिवसेना के उत्तराधिकार के लिए छिड़ी लड़ाई के बाद परिवार से दूर हुए के चचेरे भाई राज ठाकरे भी इ...

महाराष्‍ट्र: मंच पर दिखी 'महाअघाड़ी' की ताकत

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मुंबई महाराष्ट्र में शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की गठबंधन सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी दलों ने अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की। उद्धव के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मंच पर विपक्ष के तमाम नेताओं ने एक साथ आकर एकजुटता का संदेश दिया। इसके अलावा इस 'महा शपथ ग्रहण समारोह' में शरद पवार और बाला साहब ठाकरे के परिवार भी एक साथ एक मंच पर नजर आए। शिवाजी पार्क में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस पार्टी के नेता अहमद पटेल, कपिल सिब्बल, एमपी के सीएम कमलनाथ, पूर्व गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे, अभिषेक मनु सिंघवी और पृथ्वीराज चव्हाण मंच पर बैठे नजर आए। साथ ही डीएमके चीफ एमके स्टालिन, एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल, सुप्रिया सुले, पूर्व डेप्युटी सीएम अजित पवार भी एक साथ मंच पर एक साथ दिखे। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी अपनी पत्नी नीता और बेटे अनंत के साथ समारोह मंच के सामने बैठे दिखाई दिए। मतभेद भूल भाई के मंच पर दिखे राज ठाकरे खास बात यह कि शिवसेना के उत्तराधिकार के लिए छिड़ी लड़ाई के बाद परिवार से दूर हुए के चचेरे भाई राज ठाकरे भी इ...

प्रज्ञा के गोडसे बयान पर लोकसभा में हंगामा

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नई दिल्ली महात्मा गांधी के हत्यारे को लोकसभा में चर्चा के दौरान कथित तौर पर देशभक्त बताने संबंधी साध्वी प्रज्ञा के बयान पर घमासान मचा हुआ है। गुरुवार को लोकसभा में जैसे ही प्रश्न काल शुरू हुआ, कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दल प्रज्ञा के बयान पर हंगामा करने लगे। विपक्षी दलों की मांग थी कि प्रज्ञा के बयान पर चर्चा हो लेकिन स्पीकर ने इसे ठुकरा दिया। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि गोडसे को देशभक्त कहे जाने की उनकी पार्टी निंदा करती है लेकिन असंतुष्ट कांग्रेसी सदस्य सदन से वॉकआउट कर गए। प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्ष का हंगामा गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, विपक्षी सदस्य हंगामा करने लगे। लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी समेत विपक्ष के तमाम नेता प्रज्ञा के बयान पर चर्चा की मांग करने लगे। अधीर रंजन चौधरी ने कहा महात्मा गांधी की हत्या करने वालों को देशभक्त बताया जा रहा है। यह सरकार नाथूराम गोडसेपंथी है। पढ़ें: स्पीकर ने प्रज्ञा के बयान पर चर्चा की मांग को ठुकराया इस पर स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी सदस्यों को समझाने की कोशिश करते हुए कहा कि संबंधित सांसद...

उपचुनाव: ममता का जलवा, BJP को झटका

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कोलकाता पश्चिम बंगाल में तीन विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में अपनी मजबूत पकड़ बरकरार रखी है। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने उपचुनाव में अपना परचम लहराते हुए तीनों सीटों पर कब्जा जमाया है। टीएमसी ने बीजेपी और कांग्रेस से एक-एक सीट झटक ली है। लोकसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद 2021 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी बीजेपी के लिए नतीजों ने नई चुनौती खड़ी कर दी है। यहां तक कि प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष के गढ़ में भी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। बीजेपी अध्यक्ष घोष की सीट पर जीती टीएमसी 2019 के आम चुनाव में दिलीप घोष के मेदिनीपुर लोकसभा सीट से जीतने के बाद सीट खाली हुई थी। उपचुनाव में यहां से तृणमूल कांग्रेस के कैंडिडेट प्रदीप सरकार ने 20 हजार 811 वोटों से जीत दर्ज की है। 2016 के विधानसभा चुनाव में यहां टीएमसी तीसरे नंबर पर रही थी। उस चुनाव में बीजेपी के दिलीप घोष ने कांग्रेस के ज्ञान सिंह सोहनपाल को 6 हजार से ज्यादा वोटों से मात दी थी। उपचुनाव में प्रदीप सरकार ने बीजेपी के प्रेमचंद्र झा ...