1 लाख डॉक्टरों की ट्रेनिंग, कोरोना से कतराए?
अखिलेश पांडेय, मुंबई महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई समेत महाराष्ट्र में जहां कोरोना से लड़ाई में डॉक्टरों की कमी है, वहीं बड़ी संख्या में आयुष डॉक्टर इलाज के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य में अब तक आयुष के 1 लाख डॉक्टरों ने कोरोना के दौरान इलाज और देखभाल के लिए ट्रेनिंग ली है, लेकिन अब तक बमुश्किल 1500 डॉक्टरों ने ही अपनी सेवाएं देने के लिए पंजीकरण कराया है। बता दें कि हाल ही में राज्य सरकार ने आयुष डॉक्टरों को कोरोना से लड़ाई में शोध करने की भी अनुमति दी है। ऐसे में मरीजो की देखभाल में इनकी सीमित संख्या को देखते हुए दूसरी पैथी से जुड़े डॉक्टरों में इसे लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार, कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य में आयुष डॉक्टरों की भी अप्रैल में ऑनलाइन ट्रेनिंग हुई थी। इसका उद्देश्य समय पड़ने पर इनकी ड्यूटी कोरोना में लगाने की थी। जानकारी के अनुसार, राज्य में डेढ़ लाख आयुष डॉक्टर हैं, जबकि इनमे से 1 लाख लोगों ने कोरोना केयर की ट्रेनिंग ली थी। महाराष्ट्र मेडिकल एजुकेशन सेक्रेटरी संजय मुखर्जी ने बताया कि अब तक 1500 आयुष डॉक्टरों को राज्य के अलग-अलग जगहों पर पोस्टिंग दी गई है। ट्रेनिंग के बाद भी ड्यूटी के लिए आने वाले कम आयुष डॉक्टरों की संख्या को लेकर महाराष्ट्र आयुष के निदेशक डॉ.कुलदीप कोहली ने एनबीटी से कहा कि हमारा काम उनकी ट्रेनिंग पूरी कराना था। अप्रैल में हमने 1 लाख लोगों की ट्रेनिंग पूरी करवाई। इनकी पोस्टिंग डायरेक्ट्रेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन ऐंड रिसर्च के जिम्मे है। इनको क्यों नहीं मिलता नोटिस ट्रेनिंग के बाद भी ड्यूटी के लिए पंजीकृत होने वाले कम डॉक्टरो के बारे में इंडियन मेडिकल असोसिएशन (आईएमए), महाराष्ट्र के अध्यक्ष डॉ.अविनाश भोंडवे ने कहा कि जब ऐलोपैथी के डॉक्टरों को नोटिस मिलता है तो आयुष को क्यों नहीं? हर कोई जानता है कि मुंबई से लेकर राज्यभर में डॉक्टरों की कमी है। ऐसे में ट्रेनिंग लेने के बाद भी अब तक केवल 1500 आयुष डॉक्टरों का आगे आना बेहद निराशाजनक है। सरकार को तुरंत ऐसे लोगों को नोटिस भेजना चाहिए। डॉक्टरों की कमी की संख्या को दूर करने के लिए हमने खुद ही कई बार डायरेक्ट्रेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन ऐंड मेडिकल रिसर्च को आयुष के डॉक्टरों की मदद लेने का सुझाव दिया है। क्या बोले अधिकारी आईएमए, महाराष्ट्र के अध्यक्ष डॉ.अविनाश भोंडवे ने कहा कि सरकार को तुरंत उन आयुष डॉक्टरों को नोटिस देना चाहिए, जो ट्रेनिंग लेने के बाद भी काम करने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। वहीं, आयुष, महाराष्ट्र के निदेशक हडॉ.कुलदीप कोहली ने कहा कि मारी जिम्मेदारी डॉक्टरों की ट्रेनिंग करवाना थी। हमने 1 लाख डॉक्टरों की ट्रेनिंग कराई। ड्यूटी पर लगाना दूसरे विभाग का काम है।
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