पैन, DL, वोटर ID... जनगणना में दर्ज होगा ये सब

भारती जैन, नई दिल्ली इस बार 2021 की जनगणना के साथ-साथ (NPR) भी अपडेट किया जाएगा। पहली बार इसमें सभी सामान्य भारतीय नागरिकों की कई जानकारियां जैसे आधार, मोबाइल नंबर, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस और वोटर आईडी की डीटेल्स और नंबर शामिल की जाएंगी। के लिए सामान्य नागरिक की परिभाषा भी तय की गई है। इसके अनुसार कोई भी व्यक्ति जो स्थानीय इलाके में पिछले 6 महीने या ज्यादा समय से रह रहा हो या जो अगले 6 महीने या उससे ज्यादा उस इलाके में रहने वाला हो। पहली बार क्या-क्या NPR में नागरिकों की पहचान से संबंधित एक व्यापक डेटाबेस तैयार किया जाएगा। आपको बता दें कि यह पहली बार 2011 में तैयार किया गया था और 2015 में इसे अपडेट किया गया और तब आधार, मोबाइल नंबर और राशन कार्ड की डीटेल्स इकट्ठा की गई थी। अब पहली बार है जब NPR डेटाबेस में , ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी और पासपोर्ट की जानकारी भी शामिल की जाएगी। पढ़ें: आधार नंबर शेयर करना आपकी इच्छा पर वैसे तो पासपोर्ट किसी भी उम्र में जारी किया जा सकता है लेकिन आधार नंबर जारी होने की न्यूनतम उम्र 5 साल है जिसमें बायॉमेट्रिक जानकारी होती है। इसके अलावा अन्य जानकारी जो NPR में जुटाई जाएगी, वह 18 साल या उससे ऊपर के नागरिक को ही जारी की जाती है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देखते हुए आधार नंबर शेयर करना व्यक्ति की स्वेच्छा पर निर्भर करेगा। निजता की चिंता की बात नहीं आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि दूसरी जानकारियां जो मांगी गई हैं, जैसे पैन, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी और पासपोर्ट नंबर, ये सरकारी डेटाबेस में पहले से होंगी और ऐसे में जनगणना अधिकारियों के साथ इसे शेयर करने में कोई निजता की चिंता शामिल नहीं होगी। एक अधिकारी ने कहा कि NPR डेटा को पब्लिक डोमेन में नहीं रखा जाएगा बल्कि यह एक बेहद सुरक्षित डेटाबेस में रहेगा और उस तक संबंधित यूजर की ही पहुंच रहेगी। यह जानकारी पासवर्ड प्रोटोकॉल से सुरक्षित होगी। इसका इस्तेमाल सरकार अपनी योजनाओं के लाभार्थियों के लिए करेगी और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में भी इसकी अहम भूमिका होगी। हमारे सहयोगी अखबार TOI को जानकारी मिली है कि आधार नंबर, मोबाइल नंबर, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर कार्ड और पासपोर्ट को नागरिक खुद ही मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर सेंसस मैनेजमेंट ऐंड मॉनिटरिंग पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं। NPR प्रक्रिया शुरू होने से एक महीने पहले लोगों को यह विकल्प देने पर बात चल रही है और इसके लिए उन्हें एक यूनिक फाइल नंबर आवंटित किया जाएगा, जिसमें उनके पूरे परिवार की जानकारी होगी। यह नंबर भी खास होगा, जिससे रीपीट न हो।


from India News: इंडिया न्यूज़, India News in Hindi, भारत समाचार, Bharat Samachar, Bharat News in Hindi https://ift.tt/2lRRRm9

Comments

Popular posts from this blog

20 साल बाद 'नाबालिग' हत्यारे की फांसी पर रोक?

इन्सेफलाइटिस : यूपी ने 2 ही साल में किया कमाल

CBI विवाद में डोभाल, केंद्रीय मंत्री का उछला नाम