चिन्मयानंद: रेप आरोप लगाने वाली छात्रा अरेस्ट
कंवरदीप सिंह, शाहजहांपुर पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री और बीजेपी नेता स्वामी चिन्मयानंद पर रेप का आरोप लगाने वाली छात्रा को जबरन धन उगाही के मामले में एसआईटी ने बुधवार को अरेस्ट कर लिया। छात्रा को उसके घर से अरेस्ट किया गया। गिरफ्तारी के बाद छात्रा को शाहजहांपुर कोर्ट में पेश किया गया जहां से कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इससे पहले कोर्ट ने मंगलवार को छात्रा की अग्रिम जमानत की याचिका को स्वीकार कर लिया था लेकिन उसकी गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं लगाई थी। छात्रा पर दोस्तों के साथ मिलकर उगाही का आरोप छात्रा को मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया है। इस बीच, छात्रा के वकील का आरोप है कि एसआईटी ने लड़की को चप्पल तक नहीं पहननी दी और उसे जबरन घसीटते हुए उसके कमरे से निकालकर अरेस्ट कर लिया। बता दें कि छात्रा पर अपने दोस्तों के साथ मिलकर चिन्मयानंद से 5 करोड़ रुपये मांगने का आरोप है। इससे पहले मंगलवार को कोर्ट में लॉ स्टूडेंट की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई थी। चिन्मयानंद के वकील ने अग्रिम जमानत वाली याचिका का विरोध किया था। लगभग 40 मिनट तक दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने छात्रा की अर्जी को मंजूर कर लिया था। पीड़िता के वकील ने बताया कि अगली सुनवाई के लिए 26 सितंबर की तारीख तय की गई है। गिरफ्तारी से रोक के लिए कोर्ट गई थी लड़की छात्रा के वकील अनूप त्रिवेदी ने सुनवाई के बाद जानकारी देते हुए बताया, 'कोर्ट ने अग्रिम जमानत की याचिका को मंजूर कर लिया है। अब 26 को मामले की सुनवाई होगी।' इससे पहले सोमवार को छात्रा ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की पीठ के समक्ष अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने तब कहा था कि यदि पीड़िता कोई राहत चाहती है तो वह उचित पीठ के समक्ष नई याचिका दायर कर सकती है। अदालत ने कहा कि यह पीठ इस मामले में केवल जांच की निगरानी करने के लिए नामित की गई है और गिरफ्तारी के मामले में रोक लगाने का कोई आदेश पारित करना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। चिन्मयानंद और छात्रा के बीच 200 बार फोन पर बातचीत बता दें कि SIT की जांच में छात्रा और चिन्मयानंद को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही SIT की जांच रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि आरोप लगाने वाली छात्रा और चिन्मयानंद के बीच जनवरी 2019 से अगस्त महीने के बीच 200 बार फोन पर बातचीत हुई है। उधर, इन्हीं 8 महीनों के दौरान छात्रा और उसके साथी संजय के बीच 4200 से ज्यादा बार फोन पर बात हुई थी। SIT ने छात्रा के घर से सबूत इकट्ठा किए आईजी नवीन अरोड़ा ने बताया था कि SIT ने हर जरूरी डिजिटल साक्ष्य, दोनों पक्षों के फोन कॉल डीटेल जुटाए। घटनास्थल, संस्थान, पीड़िता के घर और हॉस्टल से भी साक्ष्य एकत्र किए। गाड़ियों के मूवमेंट, टोल टैक्स बैरियर, दिल्ली और राजस्थान के होटलों से सीसीटीवी फुटेज, बैंक और एटीएम से रकम निकालने से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी जुटाए गए हैं। उगाही की बात कबूली SIT के आईजी अरोड़ा ने बताया था कि एफएसएल के जरिए दोनों पक्षों की तरफ से दिए गए विडियो की मिरर इमेज तैयार कर उनका विश्लेषण किया गया। तब जाकर SIT ने दोनों पक्षों की तरफ से दर्ज करवाए गए मुकदमों की धाराओं में बदलाव किया गया है। उन्होंने बताया था कि छात्रा के तीनों साथियों संजय सिंह, सचिन सेंगर उर्फ सोनू और विक्रम ने स्वामी चिन्मयानंद से पांच करोड़ रुपये उगाही मांगने की बात कबूली है। इन तीनों ने वायरल विडियो में खुद के होने की बात भी स्वीकार की। डिस्क्लेमर: सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार इस खबर में पीड़िता की निजता का सम्मान करते हुए उनकी पहचान उजागर नहीं की गई है।
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