J&K: सेना का बदला, जैश का बम एक्सपर्ट ढेर
श्रीनगर दक्षिण कश्मीर में आतंक का पर्याय बने जैश-ए-मोहम्मद के टॉप कमांडर मुन्ना लाहोरी/बिहारी को सुरक्षा बलों ने रातभर चली मुठभेड़ के बाद शनिवार सुबह मार गिराया। पाकिस्तान के रहने वाले मुन्ना लाहोरी के साथ उसके एक साथी को भी सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया है। मुन्ना लाहोरी की मौत के साथ ही सुरक्षा बलों ने 17 जून के आईईडी ब्लास्ट का बदला ले लिया। मात्र 19 साल का मुन्ना लाहोरी आईईडी बनाने का एक्सपर्ट था और बेहद खतरनाक इरादे लेकर भारत आया था। पुलिस के मुताबिक बनिहाल में इस साल मार्च में सुरक्षा बलों पर हुए कार बम हमले में भी मुन्ना का हाथ था। जैश मुन्ना के माध्यम से स्थानीय युवाओं की भर्ती कर रहा था। बताया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर के शोपियां में शुक्रवार देर रात सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। रातभर चली मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने शनिवार सुबह मुन्ना लाहोरी और उसके एक साथी को मार गिराया। तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों ने इन आतंकियों के पास से युद्धक सामग्री बरामद की है। प्रशासन ने ऐहतियातन इलाके में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। वाहनों में फिट किए जाने वाले आईईडी को बनाने में माहिर बता दें कि दक्षिण कश्मीर के ही पुलवामा जिले में गत 17 जून को 44 राष्ट्रीय राइफल्स के काफिले के पास विस्फोट में इस्तेमाल आईईडी को 19 वर्षीय जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी मुन्ना लाहोरी ने तैयार किया था। इस विस्फोट में सेना के दो जवान शहीद हो गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे। एक वरिष्ठ खुफिया अधिकारी ने बताया कि मुन्ना ने ही इस बम को बनाया और उसी ने इसमें विस्फोट किया था। सुरक्षा एजेंसियों ने मुन्ना को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान तेज कर दिया था। सुरक्षा बलों ने मुन्ना लाहोरी को अरेस्ट करने के लिए पुलवामा और शोपियां इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया था। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक लाहोरी वाहनों में फिट किए जाने वाले आईईडी को बनाने में माहिर था। उसे पाकिस्तान में ट्रेनिंग मिली हुई थी। वह बड़े पैमाने पर हथियारों और विस्फोटकों के साथ पिछले साल कश्मीर में दाखिल हुआ था। पुलवामा-शोपिंया में बनाया था अपना अड्डा सूत्रों ने बताया कि मुन्ना और उसके साथियों ने पुलवामा-शोपिंया बेल्ट में अपना अड्डा बनाया था। यहां मुन्ना कश्मीरी युवाओं को स्थानीय सामान के इस्तेमाल से आईईडी बनाने की ट्रेनिंग दे रहा था। उन्होंने बताया कि लाहोरी पुलवामा की तरह से और हमले करने की योजना बना रहा था। एक वरिष्ठ खुफिया अधिकारी ने कहा, 'दक्षिण कश्मीर के आतंकवादियों के कार्यशैली में बड़ा बदलाव आ रहा है। वे अपनी जिंदगी को खतरे में डाले बिना आईईडी का इस्तेमाल कर सकते हैं।' दक्षिण कश्मीर में चार जिले-पुलवामा, शोपियां, कुलगाम और अनंतनाग- आतंकवाद प्रभावित हैं। इनमें पुलवामा में सबसे ज्यादा आतंकी घटनाएं होती हैं। इस बीच आईईडी के खतरे को देखते हुए सुरक्षा बलों ने घाटी में बम तलाश करने वाले दस्ते की संख्या को बढ़ा दिया है। बता दें कि पिछले छह महीने में आतंकवाद निरोधक अभियानों में कश्मीर में 117 आतंकवादी मारे गए हैं। इसमें 89 स्थानीय आतंकवादी थे।
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