टेरर फंडिंग: J&K में 4 ठिकानों पर NIA की रेड

कश्मीर के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने रविवार सुबह उत्तर कश्मीर के बारामुला में ताबतोड़ छापेमारी की। ने यहां चार जगहों पर छापा मारा। सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस के साथ एनआईए ने यह छापेमारी की। हवाला नेटवर्क और पाकिस्तान से टेरर फंडिंग की साजिश में संलिप्त होने का शक में एनआईए पिछले कुछ दिनों से लगातार जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। एनआईए ने इससे पहले 23 जुलाई को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में स्थित केलर इलाके में बिजनसमैन गुलाम अहमद वानी के घर पर छापेमारी की थी। भारत-पाक के बीच क्रॉस एलओसी ट्रेड का काम करने वाले वानी पर हवाला नेटवर्क और पाकिस्तान से टेरर फंडिंग की साजिश में संलिप्त होने के शक के आधार पर यह छापेमारी की गई थी। 2017 में टेरर फंडिंग के केस में दर्ज हुआ था मामला बता दें कि एनआईए ने जमात-उद-दावा, दुखतारन-ए-मिल्लत, लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन और जम्मू-कश्मीर के दूसरे अलगाववादी समूहों के खिलाफ फंड जुटाने को लेकर 20 मई 2017 को एक मामला दर्ज किया था। एनआईए ने 13 आरोपियों पर इस संदर्भ में आरोप-पत्र दाखिल किया है। इसमें अलगाववादी नेता, हवाला कारोबारी और पत्थरबाज शामिल हैं। 'पाक से होती रही है टेरर फंडिंग' बता दें कि पिछले महीने ही एनआईए ने दावा किया था कि कश्मीर घाटी में अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए पाकिस्तान से टेरर फंडिंग होती रही है। हुर्रियत कॉन्फ्रेंस और कई अन्य अलगाववादी नेताओं से पूछताछ के बाद एनआई ने यह दावा किया था। एनआईए के मुताबिक, मुस्लिम लीग नेता मसर्रत आलम ने अधिकारियों से बताया कि पाकिस्तान समर्थित एजेंट ने विदेश से पैसे जुटाए और हवाला ऑपरेटर्स के जरिए उसे जम्मू-कश्मीर भेजा।


from India News: इंडिया न्यूज़, India News in Hindi, भारत समाचार, Bharat Samachar, Bharat News in Hindi https://ift.tt/2YnlOb7

Comments

Popular posts from this blog

20 साल बाद 'नाबालिग' हत्यारे की फांसी पर रोक?

इन्सेफलाइटिस : यूपी ने 2 ही साल में किया कमाल

CBI विवाद में डोभाल, केंद्रीय मंत्री का उछला नाम