मोदी की अहम बैठक, कश्मीर को बड़ा पैकेज?

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर से हटाने के बाद मोदी सरकार अब वहां के लिए बड़े पैकेज का ऐलान करने वाली है। सूत्रों के अनुसार बुधवार को होने वाली कैबिनेट मीटिंग में इस पैकेज को मंजूरी दी जा सकती है। इसके अलावा पाकिस्तान की लगातार धमकियों और सीमा पार से आतंकवादियों को भारत की सीमा के अंदर भेजकर अशांति फैलाने की कोशिश के बारे में आ रही खुफिया रिपोर्ट के मद्देनजर कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्यॉरिटी की भी मीटिंग होगी। ऐतिहासिक फैसला लेने के बाद पहली बार विस्तार से चर्चा पर ऐतिहासिक फैसला लेने के बाद पीएम मोदी कैबिनेट के साथ इस मुद्दे पर पहली बार विस्तार से बात करेंगे। सूत्रों के अनुसार जम्मू-कश्मीर के मामले पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कैबिनेट कश्मीर के हालात की समीक्षा के अलावा अहम फैसले को मंजूरी दे सकती है। पीएम मोदी तीन देशों की यात्रा कर मंगलवार को देश लौटे हैं। गौरतलब है कि 5 अगस्त को कैबिनेट ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाने के अलावा उसे केंद्र शासित प्रदेश बनाने के फैसले को मंजूरी दी थी। यह भी पढे़ंः राजनीतिक प्रक्रिया पर अहम फैसला? सूत्रों के अनुसार कैबिनेट राज्य में हालात सामान्य करने की दिशा में भी कुछ अहम फैसला ले सकती है। 15 हजार करोड़ के पैकेज के ऐलान के अलावा राज्य में राजनीतिक प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में ठोस फैसला अजेंडा में हो सकता है। राज्य में पहले ही केंद्र सरकार ने 12 से 14 अक्तूबर के बीच श्रीनगर इनवेस्टर समिट करने का एलान किया है जिसमें 75 हजार करोड़ के निवेश के प्रस्ताव आने का दावा किया जा रहा है। सरकार वहां 5 अगस्त से लेकर अब तक के हालात पर संतुष्ट है और सरकार के लिए सबसे बड़ी राहत की बात है कि अब तक कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई। नहीं चलने दी पाक की पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के फैसले के विरोध में हाथ पांव पटके लेकिन उसकी कहीं भी दाल नहीं गली। पीएम मोदी ने विश्व के बड़े देशों के नेताओं को भी समझा दिया है कि कश्मीर पर लिया गया फैसला भारत का आंतरिक मामला है और इसमें किसी को दखल देने की जरूरत नहीं है। जी-7 समिट के दौरान संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने भी पीएम से इस बारे में बात की और मोदी उन्हें यह भरोसा दिलाने में कामयाब रहे कि कश्मीर के हालात नियंत्रण में हैं। हालांकि प्रधानमंत्री मोदी का अभी राष्ट्र प्रमुखों से मिलने का सिलसिला जारी रहेगा। 106 केंद्रीय कानून होने हैं लागू इस निर्णय के बाद 106 केंद्रीय कानून राज्य में 31 अक्टूबर, 2019 से पूरी तरह लागू हो जाएंगे। बदलाव की इस अवधि के दौरान 30 अक्टूबर तक जम्मू-कश्मीर में केंद्रीय और राज्य कानून दोनों लागू रहेंगे। सूत्र ने बताया कि केंद्रीय विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पिछले सप्ताह श्रम, बिजली, अक्षय ऊर्जा और मानव संसाधन विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों के 12 से अधिक मंत्रियों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में पुनर्गठित जम्मू-कश्मीर में केंद्रीय कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए परियोजनाओं और कोष की जरूरत पर चर्चा हुई थी। सूत्र ने कहा कि विभिन्न मंत्रालयों द्वारा दिए गए प्रस्तावों के अनुसार पैकेज की राशि का अभी आकलन नहीं किया गया है। केंद्र सरकार को बच्चों के लिए मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा कानून, 2009 के क्रियान्वयन के लिए भी करोड़ों रुपये खर्च करने की जरूरत होगी। राज्य के लोगों को विभिन्न लाभ और सब्सिडी के प्रत्यक्ष अंतरण के लिए केंद्र सरकार को वहां आधार को भी लागू करना होगा। (भाषा के इनपुट के साथ)


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