स्पेस से 1 फीट की चीज देख लेगा कार्टोसैट-3

चेन्नै आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित इसरो के सतीश धवन स्पेस सेंटर से बुधवार सुबह को लॉन्च कर दिया गया। इस लॉन्च वीइकल से अमेरिका के 13 नैनो सैटलाइट समेत तीसरी जनरेशन का कार्टोसैट-3 लॉन्च किया गया है जिसे भारत की 'आंख' कहा जा रहा है। चंद्रयान-2 के बाद भारत के पहले स्पेस मिशन को ऐसा नाम क्यों दिया गया है, जानते हैं... बेहतरीन रेजॉलूशन कार्टोसैट-3 के कैमरों का स्पेशियल और ग्रांउड रेजॉलूश काफी ज्यादा है। इसमें दुनिया का सबसे ताकतवर कैमरा लगा है। इसकी मदद से 509 किलोमीटर की ऊंचाई से बेहद साफ तस्वीरें ली जा सकेंगी। इतनी ऊंचाई से यह जमीन पर ऐसी दो चीजों में फर्क कर सकता है जिनके बीच की दूरी 25 सेंटिमीटर हो। एक अधिकारी के मुताबिक भारत के पास मौजूद ऑब्जर्वेशन वाले सैटलाइट्स में से कार्टोसैट-3 में सबसे ज्यादा अडवांस्ड स्पेशल रेजॉलूशन है। यही नहीं बेहतर ग्राउंड रेजॉलूशन होने के कारण जमीन से एक फुट ऊंची चीज को भी यह आसानी से पहचान सकता है। यह भी पढ़ें: सेना के लिए खास सुरक्षाबलों के लिए भी कार्टोसैट के अहम फायदे होंगे। इससे सुरक्षाबलों की स्पेस-सर्वेलंस की क्षमता बढ़ेगी। पैनक्रोमैटिक मोड में यह 16 किमी दूरी की स्पेशियल रेंज (क्षेत्र) कवर कर सकता है। इससे पहले लॉन्च किए गए किसी भी सर्वेलंस सैटलाइट में ऐसी क्षमता नहीं रही है। इसमें एक खास क्वॉलिटी यह भी है कि इससे मल्टी-स्पेक्ट्रम (इलेक्ट्रोमैग्नटिक स्पेक्ट्रम की खास रेंज में आने वाली लाइट) और हाइपर स्पेक्ट्रम (पूरे इलेक्ट्रोमैग्नटिक स्पेक्ट्रम में आने वाली लाइट) को कैप्चर कर सकता है। इससे सेना जूम करके दुश्मन के ठिकानों को खोज सकती है। पीएम मोदी ने भी दी बधाई वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने भी कार्टोसैट-3 की लॉन्चिंग पर कहा, 'मैं इसरो की टीम के एक और बड़े मिशन की सफल लॉन्चिंग पर बधाई देता हूं। इसरो ने एक बार देश को गौरवान्वित किया है।' कुदरती आपदा से बचाव में मददगार इसकी मदद से इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग, कोस्टल जमीन का इस्तेमाल और नियमन, सड़कों के नेटवर्क को मॉनिटर करने, भौगोलिक स्थितियों में आते बदलाव की पहचान करने से जैसे काम किए जा सकेंगे। 1 हजार 600 किलो का यह सैटलाइट पांच साल तक ऑर्बिट में रहेगा। लॉन्च के बाद इसरो चीफ के. सिवन ने कहा, 'मैं बहुत खुश हूं कि PSLV-C47 को 13 दूसरे सैटलाइट्स के साथ ऑर्बिट में स्थित कर दिया गया। कार्टोसैट-3 सबसे ज्यादा रेजॉलूशन वाला नागरिक सैटलाइट है। हमारे पास मार्च तक के लिए 13 मिशन हैं जिनमें से 6 लार्ज वीइकल मिशन हैं और 7 सैटलाइट मिशन हैं।' अब तक जियोआई-1 किसी सैटलाइट से सबसे ज्यादा रेजॉलूशन वाली तस्वीरें भेजने में सक्षम था। डिजिटल ग्लोब का जियोआई-1 एक अमेरिकी सैटलाइट है जिसका रेजॉलूशन 42 सेंटिमीटर था। इसी कंपनी का वर्ल्डव्यू-2 46 सेंटिमीटर रेजॉलूशन दे सकता था।


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